जो मेरी गरम सांसो से उनके अंडरवियर मैं और भी उछलकूद मचा रहा था। मैंने अपनी आंखें ऊंची करके स्माइल करते हुए पापा की आंखें देखीं पापा के अंडरवियर की इलास्टिक मैं अपनी अंगुली डाल दी और पल भर में पापा के अंडरवियर को नीचे खींच दिया।जैसे ही मैंने पापा के अंडरवियर को नीचे किया, उनका काला लम्बा मोटा लंड हवा में किसी मस्त सांड की तरह झूमता मेरी आँखों के सामने था। मुझे आज उनका लंड कल रात के मुकाबले और फिर भी मोटा लग रहा था। मैंने अपने हाथ पापा के लंड पर रख दिए जैसे ही मेरा मुलायम नरम हाथ पापा के लंड पर पड़ा मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मैंने कोई गरम रॉड पकड़ ली जिससे मेरा हाथ जल जाएगा।मैं मस्ती मैं पापा के लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी जैसे ये मेरा सब से मनपसंद खिलोना हो मैं नीचे बैठी पापा के लंड को सहला रही थी कि पापा ने मुझे बाहों से पकड़ कर उठाया और फिर मुझे अपना बाहों मैं उठा लिया और मुझे लेकर बिस्तर की और चल पड़े और बिस्तर के पास आ कर मुझे बिस्तर पर लिटा दिया।बेड पर लिटाने के बाद पापा ने मेरी गांड को बेड के किनारे पर रख दिया और खुद मेरी टांगों के बीच आ कर खड़े हो गए। मैं बिस्तर पर नंगी लेती हुई मेरी










