आज तुमने मुझे बहुत मज़ा दिया !थोड़ी देर बाद हम सीधे हुए और एक दूसरे को बाँहों में भरकर हमने होंठों में होंठ डालकर एक लम्बा चुम्बन लिया। इसके बाद मैं और शोभा कपड़े पहन कर बाहर आ गए। शोभा दो कप चाय ले आई, हम एक दूसरे की तरफ मुस्कराते हुए चाय पी रहे थे।शोभा बोली- भाई साहब ! की आवाजें बाथरूम में गूँज रही थीं। शोभा अब बहुत गरम थी.वो चिल्ला रही थी- राजा थोड़ा अंदर डालो ! हिंदी XXX मेरे को जम के बजा !इस वक्त मैं उस बहुत तेजी से चोद रहा था। थोड़ा झुककर मैंने उसकी चूचियां दबानी शुरू कर दी और चोदने की स्पीड कम कर दी। शोभा का चुदना जारी था। मैं और शोभा इस समय चुदने का पूरा मज़ा ले रहे थे। सबसे ज्यादा मजा मुझे घरेलू औरतों की चूत पेलने में आता है जो आज मैं पूरा पूरा ले रहा था।शोभा की चूत मेरे कण्ट्रोल में थी और मैं उसमें कभी धीरे धीरे और कभी तेज तेज धक्के मारते हुए चोद रहा था। शोभा को चोदते हुए मैं उसकी चूचियां भी दबाने लगा। शोभा आह उह आह उह्ह आह आह की आवाज करती हुऐ चुदने का मज़ा ले रही थी।शोभा की चुचियों की घुन्डियाँ मसलते हुए मैंने कहा- क्यों चूत के भूत की पिटाई का मज़ा ले रही हो ?शोभा बोली- सच राजा !















