मैंने कहा.मेरी प्यारी करिश्मा चाची ने एक बार में ही दोनों पैर खोल दिए. मैंने अंग्रेजी में कहा.चाची समझ गयी की उनका भतीजा आज उनसे प्यार करना चाहता है. XXX Hindi शादी से पहले हम सब घर के लोग प्रतिक चाचा को खूब परेशान करते थे. उनके आने से हमारा घर महक गया. मैं अपनी जीभ को नीचे से उपर और उपर से नीचे दौड़ाने लगा. उनको खूब चोदा और झड गया. मेरी इस कोसिस से आज चाची पुरे एक साल बाद हसी. अपना मोटा सा स्वथ्य लंड करिश्मा चाची के भोसड़े पर लगा दिया. उन्होंने कहा ‘किताब की माँ की आँख’ गाड़ मराए किताब!! करिश्मा चाची हमेशा प्रतिक चाचा को याद करती रहती थी. मैं तो अपने कमरे में जाकर अपना काम तमाम [मुठ] कर लेता था. या तो टीवी देखते थे या कोई नोवेल पढते थे. चाची झम से बिस्तर पर आ गिरी.मैं धीरे धीरे उनकी साड़ी निकालने लगा. तुम मुझे मारना चाहती हो तो मार लो, पर मैं तुमसे शादी करके रहूँगा. ये उनका एक गुप्त संकेत था. मैं उनकी गहरी गोरी चूत को दोनों अंगूठे से खोल दिया. १ साल और बीत गया तो मैंने एक रात जो वो मेरे कमरे में मेरे लिए खाना परोस के लायी तो मैंने उनका हाथ पकड लिया.करिश्मा चाची !!















