अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की मदमस्त आवाजे निकाल रही थी। साफ़ था की उसे मैं ओर्गेस्म (चरम सुख) का मजा दे रहा था। दोस्तों मैं जल्दी जल्दी उसे ले रहा था और उसकी सफ़ेद चूचियों की काली निपल्स चूसकर उसे चोद रहा था।मैं बहुत अधिक कामुक और सेक्सी महसूस कर रहा था। हम दोनों के पसीना छूट गया था। मैं उसे पूरी शक्ति लगाकर पेल रहा था। तभी मैंने उसकी काली निपल्स पर दांत गदा दिए।“ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” दामिनी चिल्लाई। उसे दर्द हो रहा था।पर आज मैं उसको अमेरिकन स्टाइल में चोद रहा था जैसा वो चाहती थी। इसलिए उसने कुछ नही कहा। मैंने उसकी काली निपल्स को कई बात दांत से काट खाया। वो पागल सी हो गयी थी। फिर मैंने उसकी दूसरी चूची भी मुंह में भर ली और उसके काले सिक्के जैसे दिखने वाले गोले को मैं दांत से काटने और चबाने लगा।इसी बीच मैंने युद्ध स्तर पर उसकी चूत में तेज धक्के मारे की पूरा बेड चूं चूं करके हिलने लगा। दामिनी मेरी गोदी में आ गयी और उसका पूरा बदन किसी रस्सी की तरह ऐठने लगाअ। मैं समझ गया की बिच अब स्खलित होने वाली है। दामिनी की हालत अजीब सी थी। वो मेरे सामने किसी रंडी की तरह खुली हुई थी। मैं उसकी निपल्स को दांत से चबा रहा था और खा रहा










