मैंने उनके सीने से चिपकी हुई थी. हिंदी XXX और चूसने लगी. उसके बाद वो मेरे पीठ को सहलाने लगे. भैया फिर से मेरे होठ को चूमा और मेरी चूचियों को सहलाया, और बोले की मैं अभी मार्किट से आ रहा हु, खाना बाहर का खायँगे, भैया बाहर चले गए. उनका मोटा लंड खड़ा हो गया था. मेरी आँखे लाल हो गई थी.मेरी चूची के निप्पल एक दम कड़े हो गए थे. क्यों की मैं अपने रिश्ते की अहमियत को समझती थी. घर में मम्मी थी नहीं इसलिए मैंने कहा भैया आप डॉक्टर दिखा लो. मैंने कहा कौन अखिलेश मोड़ के पास घर है. और फिर मैंने भी भैया के होठ को चूमने लगी.बात बढ़ गई और धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को दबाने लगे. वो देखते ही बोले, आह क्या माल है तू, ओह्ह्ह्ह और वो मेरे चूत को चाटने लगे.मुझे सिहरन सी होने लगी, जब वो जीभ चूत में बिच में रखते तो मैं पानी पानी हो जाती और चूत से गरम गरम पानी छोड़ देती. भैया के लंड से थोड़ा सा वीर्य निकल गया था.वो मुझे नमकीन लगा और बहूत मजा आया. भैया के लंड से थोड़ा सा वीर्य निकल गया था.वो मुझे नमकीन लगा और बहूत मजा आया. वो देखते ही बोले, आह क्या माल है तू, ओह्ह्ह्ह और वो मेरे चूत को चाटने लगे.मुझे सिहरन सी होने लगी, जब










