प्लीज जरा ये कपडे उतार दो, नगे होकर अगर चुदाई कराओगी तो बहुत मजा आयेगा” भाभी दोनों हाथो से अपना चेहरा ढँक कर बोली, “मुझे शरम आती है.”तब मैंने खुद ही उठ कर उनकी साड़ी उतार कर सारे कपडे उतार दिए व नाईट बल्ब बंद करके ट्यूब लाइट जला दी। भाभी का नंगा शरीर देख कर मेरा लंड काले नाग की तरह फुंफकारने लगा, भाभी की नारंगी जैसी दूधिया चुचियाँ मस्त टाइट हो रही थी, उनके गुलाबी निप्पल सीधे तने मुझे ललकार रहे थे।जैसे ही मैंने लाइट जलाई, भाभी बोली, “हाय भैय्या ! हिंदी XXX चूत तो बिल्कुल रबड़ जैसी होती है, उसमे जैसा भी लंड पेलो वो उसी के साइज़ में फैल जाती है” मै भाभी को समझाते हुए बोला।“सच्ची भैय्या ! बहुत मजा आ रहा है भैय्याजी, इतना मजा तो मुझे आज तक नहीं मिला, ओओओह भैय्या… आआआआआह मेरी जान, अब अपने इस लंड को मेरी चूत में पेलो ना…. प्लीज लाइट बंद कर दो ना, मुझे बहुत शरम आ रही है”, “क्या भाभी ! जैसा तुम ठीक समझो” यह सुनकर अब मै निश्चिन्त हो गया, मैंने भाभी से कहा, “भाभी ! हे भगवान, मै इनको समझ रही थी, भैय्याजी ये सब गलत है, किसी को पता चल गया तो.” मैंने भाभी को और कस कर बांहों में दबोच कर अपने लंड का दबाब बढ़ाते हुए बोला, “क्या भाभी !










