फिर बृजेश मेरे पीछे गया अपने लंड को मेरी गांड से सता कर घुमाने लगा, सचिन और मनीष ने मेरे दोनों हाथ ऊपर किये और बृजेश ने मेरा सलवार निकल दिया. मनीष राइट साइड से अपने लंड को मेरे राइट बूब को और बृजेश लेफ्ट से लंड को मेरे लेफ्ट बूब्स पे रखके लंड से दबा रहे थे. हिंदी XXX मैंने भी फिर उनके लंड से एन्जॉय करना चालू किया और वो मेरे बूब्स पुस्सी और गांड को मसलने लगे चूसने लगे. मैं और चीख पड़ी. वो सब हट्टे कट्टे थे.फिर उनमे से सचिन बोला आज तो हम तेरा खूब मजा लेंगे. फिर बृजेश टॉवल ले कर आया और बोला आजा गरिमा मैं तुझे पोछ दू और ऐसा कह कर वो मेरी थाई पर बैठ गया.उसका लंड मेरी पुस्सी से रगड़ने लगा और वो मुझे ऊपर से निचे तक दबाते हुए पोछने लगा. सबके लौड़े बहुत लम्बे और मोटे थे मैं बहुत घबरा चुकी थी.फिर सब पूल में कूद गए मैं पूरी भीग चुकी थी और सब मेरे बॉडी को हर जगह से दबा रहे थे. ये सब कुछ 1 घंटे तक चला मैं भी अब एन्जॉयमेंट पे आ गई थी और रिस्पांस देने लगी थी.















