अपनी जीभ से उसे खोदने लगा. हिंदी XXX क्यूंकि मेरा लौड़ा भी अब खड़ा होने लगा था. मेरी नानी को नाना ने खूब चोदा था. मौसी तो चुदवाकर चली गयी पर उनकी चूत का स्वाद आज भी मेरे लौड़े के सुपाड़े पर है.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मनमोहक और बेहद आकर्षक. फिर धीरे धीरे बड़े प्यार और लगाव से अपनी सगी मौसी [माँ की बहन] को लेने लगा.मेरा लौड़ा खून से रंगा बड़ी धीरे धीरे मौसी की चूत में अंदर और बाहर जा रहा था. कितनी सुंदर थी उनकी चूत. फिर कुछ दिन बाद उन्होंने मुझे और फ़िल्में लाने को कहा. ये तो कहो की मेरी किस्मत अच्छी थी की मौसी बीऐ की परीक्षा देने आ गयी वरना ऐसी शानदार चूत मुझे कहाँ नसीब होती. सबसे बड़ी लडकी की शादी हो गयी. कुछ देर बाद मौसी ने सरेंडर कर दिया.अब उनकी चूत पूजा का समय था. मैंने हाथ से दबाते दबाते उनको मुँह में भर लिया और पीने लगा. बचपन में मैं प्लास्टिक के खिलौने से खेलता था, पर अब कोई सजीव चीज मुझे खेलने को मिल गयी थी. इसे कहते है असली बुरफाड़ चोदन, मैंने सोचा. एक बार फिर से मैं निचे झुक गया और अपनी हमउम्र चुदासी मौसी की छाती को मैंने मुँह में भर लिया और पीने लगा.















