आप कितना मस्त केला चूसती है। और चूसिये” मैंने कहा.हमारी बात दया आंटी को अच्छी लगी। खूब चूसी जल्दी जल्दी। फिर आकर हमारे बीच में बैठ गयी।“बच्चो!! आंटी की पेंटी” मीनू बोला और नाक में लगाकर सूघने लगा.सूंघ क्या रहा है। जा जाकर आंटी को पटा ले और चोद ले जाकर” मैंने कहा.“हाँ भाई अगर आंटी चुदवा ले तो किस्मत चमक जाये हम दोनों भाइयों के लौड़े की” मीनू कहने लगा.शाम के टाइम दया आंटी ब्लैक नाईटी में ही आ गयी।“बच्चो मेरी ब्रा और पेंटी तो नही गिरी तुम्हारी बालकनी में??” वो पूछने लगी.“हाँ आंटी!! हिंदी XXX आज मेरे जिस्म के एक एक अंग पर तुम दोनों का हक है” वो आँख नचाकर बोली.मैंने 4 मिनट उनकी कामुक लाल लाल चूत का सेवन किया। फिर मीनू आकर चाटने लगा। वो आंटी की चूत को फैला फैलाकर मुंह लगाकर मजा ले रहा था।“……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..और चूसो!! केले तो हमारी भी बेकार हो रहे है। कोई खाने वाला नही है” मैंने कहा.“तुम मुझे अपना केला खिला दो और मैं तुम्हारा खा लुंगी” दया आंटी कहने लगी.मेरा चोदू भाई मीनू फिर से मेरी तरफ देखने लगा और हँसने लगा। उसके बाद हम दोनों सीढियों से उनके अपार्टमेन्ट में चले गये जो 2nd फ्लोर पर था। वो हम दोनों को सोफे पर बिठा दी और केले की ट्रे लाकर रख दी। अपने हाथ से छीलकर















