मेरे उससे करीब घर की तरह रिश्ता था. हिंदी XXX उसको में हमेशा भाभी कहकर बुलाता था. में मन ही मन सोचने लगा कि यह बहुत ग़लत है और उसके बाद हम एक महीने तक नहीं मिले.फिर एक दिन वो मुझसे मिली और बोली कि क्यों याद नहीं आता क्या वो प्यार? बस जोरदार धक्के देकर चोदे जा रहा था.5-6 मिनट तक ऐसे ही लगातार धक्के लगाता रहा और फिर मेरा वीर्य उसकी चूत में निकल गया और जब मैंने लंड को चूत से बाहर निकाला तो मैंने देखा कि उस पर थोड़ा सा खून लगा हुआ था. मैंने देखा कि मेरे दोस्त की पत्नी बिना टॉप के आईने के सामने खड़ी थी और वो अपने आप को देख रही थी और अपने जिस्म पर हाथ घुमा रही थी.उसे देखने में लग रहा था कि वो अब तक बहुत गरम हो चुकी थी और यह नजारा देखकर में बिल्कुल पागल सा हो गया क्योंकि उसका बहुत भरा हुआ जिस्म था. वो अब धीरे धीरे मेरे लंड की दीवानी हो गई है और अब तो वो मेरा ऐसा लंड चूसती है कि में क्या कहूँ? फिर थोड़ी ही देर में उसकी चूत का बहुत सारा पानी निकल गया.















