एक मन कर रहा था भाग जाऊँ तो दूसरा कर रहा था कि इसे एंजाय करूं और मज़े लूँ और आगे भी बढ़ना चाहती थी।आज जो हो जाए होने दो और मै इसी उलझन मै खड़ी थी। अब हेमंत मेरे पास आया और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे देसी चूची दबाने और सहलाने लगा। हेमंत ने इसके बाद अपनी शर्ट उतारी और फिर बनियान भी उतारकर मुझे अपनी बाँहों मै भर लिया। मेरी धड़कन और बढ़ गई और लगा कि अब इससे वापस जाना संभव नहीं है।उसने मेरे होंठो को चुम्बन करने लगा हेमंत मेरे होंठ सक कर रहा था। इस बीच उसने मेरी ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया। आह्ह्ह्हह मै चीख उठी और उसने मेरी ब्रा उतार फेंकी। मेरी दोनों चूची आज़ाद हो गयी और उसने चूची देखकर कहा कि कितनी मज़ेदार चूची है.. लेकिन हक़ीकत में.. XXX Hindi भगवान इस मै कितना मज़ा है.. तू आराम से रह। तभी हेमंत थोड़ी देर लंड अंदर ही रख कर मेरे ऊपर लेटा रहा और मेरे चूची दबा रहा था। मेरे कंधों पर चुम्बन कर रहा था.. अपना लंड मेरी चूत मै डाले रहो.. इतना दर्द हो रहा है और तू मुझे चोदे जा रहा है। तभी मुझे रोते देख हेमंत भी थोड़ा ढीला पड़ गया और मैंने आराम महसूस किया मगर ये आराम भी बनावटी था।फिर हेमंत बोला कि ठीक















