और जब से मैंने सुना है कि उसका लण्ड आपसे भी बड़ा है, तो अब मैं ज्यादा इंतेजार नहीं कर सकती और मैं आज रात ही उससे चुदवाऊँगी। वैसे आप ये बातें कि आपने कब उसका लण्ड देख लिया?”बाबूजी ने कहा- “एक दफा मैंने घर के पीछे जहां उसका क्वार्टर है, वहां मैंने उसे मूठ मारते हुये देखा था। वैसे तुम उसको राजी कैसे करोगी?”मैं मुस्कुराई और बोली- “बाबूजी, ये मेरा काम है। मैं आपको दावत दे रही हूँ। जिस तरह मैंने आपके कमरे में देखा था आपको सासूमाँ को चोदते हुये, उसी तरह आप आज रात में दीनू के क्वार्टर में झाँक कर मुझे उससे चुदवाता हुआ देख लीजियेगा…”मेरी बात सुनकर बाबूजी मुस्कुराये और बोले- “अगर ऐसी बात है तो आज रात मैं तुम्हारी चुदाई जरूर देखूंगा…”मैं मुस्कुराई और बोली- “आप प्रार्थना कीजिएगा कि मैं दीनू से चुदवाने में कामयाब हो जाऊँ…”मेरी बात सुनकर बाबूजी हँस दिए और बोले- “हाँ मैं प्रार्थना करूंगा कि तुम दीनू के अलावा और लोगों से भी कामयाबी से चुदवा…”मैं भी हँस पड़ी और बाबूजी को किस किया और बोली- “अब मैं चलती हूँ, देखूं तो सही, मेरा यार दीनू क्या कर रहा है? XXX Hindi ये तो मैं पियूंगी…”ये कहकर मैंने जल्दी से उसका लण्ड पकड़ा और अपने मुँह में डाल लिया। दीनू के लण्ड से पूरे एक मिनट तक मनी निकलती रही और मेरा पूरा मुँह















