भारी छाती वाली मम्मी को चाटा और उंगलियों से मसला गया

मुंह से आवाज़ नहीं निकल पा रही। क्या बिल्कुल बेआवाज़ मौत लिखी है मेरी किस्मत में?अब कमरे में से कुछ ढूंढने की आवाज़ें आने लगी हैं। बेचारी बिट्टो के कमरे में से उसे भला क्या मिलेगा। उसके पास तो सोने के गहने भी नहीं हैं। मगर वह कुछ सोच कर थोड़े ही उस कमरे में गया है। अभी थोड़ी देर में यहां भी आता ही होगा।क्या हर्ज है एक बार अपने कमरे का दरवाज़ा अन्दर से बन्द ही कर लूं। उसको पता भी नहीं चलेगा। और जब कमरा अन्दर से बन्द पाएगा तो शायद बाकी घर से माल लेकर मेरी जान बख़्श दे। मेरे कमरे में तो ब्रीफ़ेकेस भर गहने तो पड़े ही हैं। और कुछ हीरे भी तो हैं। अभी पिछले साल इटली से कुछ कोरल के सेट भी बनवाए थे। कहीं मेरी इज़्ज़त… सिहर गई कल्पना ।हिम्मत की और कमरे के दरवाज़े तक पहुंच गई। हाथ बढ़ाया और दरवाज़े का हैण्डल पकड़ने का प्रयास किया। हाथ में एक इन्सानी हाथ आ गया। मुंह से चीख़ निकली। दूसरे हाथ ने मुंह दबा दिया। पल भर में वह चोर की गिरफ़्त में थी। चोर ने अपने जमैका वाले लहजे में कहा, “आवाज़ नहीं, अगर आवाज़ निकाली, जान से मार दूंगा।”कल्पना के तो होश ही उड़ गये। आवाज़ हलक से बाहर नहीं निकल पा रही थी। अचानक उसके पांव धर्ती से उखड़ गये

भारी छाती वाली मम्मी को चाटा और उंगलियों से मसला गया

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