कुछ ही देर में मेरा लंड भी पूरा रॉड के जैसा टाइट हो चुका था. XXX Hindi रेखा मेरे पास आयी और हम दोनों के प्यासे होंठ मिल गये। रेखा को तो लाइसेंस मिल गया था। अभी अभी वो नहा के आई थी। रेशमा हमें देखते ही रह गयी, वो गुस्से से दोनों को देख रही थी मगर कुछ बोल नहीं पा रही थी. झूले के साथ ही उसकी चूत के दाने से मेरी उंगलियां टकराने लगी… अब उसे आनन्द आने लगा था, वो सिसकारी निकाल रही थी ‘आह स्सस…’ आंखें बंद करके! “आहस शस्स…” मैं भी रेशमा की चूत में झड़ गया. तभी रेशमा ने एक जोर की सिसकारी छोड़ी जिसकी आवाज पास के दो तीन कमरों तक सुनाई दी होगी.और इसी के साथ रेशमा झड़ गयी… और साथ में मैं भी उसका यह रूप देख कर! वह मुँह से और बड़ी बड़ी सिसकारियाँ छोड़ने लगी- उम्माह… अंकल और जोर से… आह आस्स मुनीम जी… आहह! वो सीधे मेरे लंड को बड़े प्यार से देख रही थी।रेखा- चाचाजी, आपका नूनू बहुत बड़ा है?मैं- वो तो है। पर अब नूनू नहीं रहा, लंड बन गया है… देखना चाहोगी?रेखा- इसे?मैं- इसे मत बोलो, लंड बोलो!रेखा- हमें शर्म आएगी… इसे देखने में!मैं- नाम लो उसका… किसको देखने में?रेखा- लं… ड को… और मुँह झुका लिया।मैं- शर्म कैसी… बस में तो इसे पकड़ चुकी हो… और फिर















