कभी फैला कर तो कभी सिकोड कर अपनी चूत को दिखा और छुपा रही थी. XXX Hindi वो बोल पड़ी, “है जीजू, क्यों तडफा रहे हो. ” श्रृष्टि की चूत धक्के पर धक्के खा कर अपना पानी छ्चोड़ना शुरू कर दिया.“एस.. बहुत मज़ा आ रहा है.” संजय ने उसकी चूत चूस चूस कर उसकी हालत खराब कर दी. तोड़ा ऑफीस मे काम आगेया था इसलिए लाते हो गयी. दोनो की जीबे पेंच लड़ा रही थी और हाथ उसके दोनो कबूतरो को अपने मे समाते हुए धीरे धीरे मसल रहे थे. आआहह, और हूओसो, ह, मेरा पााअनी निकल रहा है. “अफ… क्या मोटा लंड है तुम्हारा जीजू,” कह कर अपने हाथों मे समेत लिया श्रृष्टि ने.लेकिन लंड पूरा का पूरा हाथों मे आया कहाँ था. दिशा अपनी एक और बहन श्रृष्टि के साथ अपने जीजी के घर पर आती है. मेरे जीजू… उउफ्फ.. अपनी चूत की जाकड़ मे लंड को ले कर उच्छल-कूद मचाने लगी. जब शाम को संजय घर आया तो उसने बेडरूम से काफ़ी आवाज़े और हँसने की आवाज़े सुनाई दी.वो समझ गया की दिशा आ गयी है. घर के नीचे श्रृष्टि को छ्चोड़ उस-से कहा की मई आधे घंटे मे आता हूँ.संजय आधे घंटे बाद एक विस्की की बॉटल और एक शमपने की बॉटल ले कर घर पर आ गया.















