मैंने उसे पहनने की कोशिश की तो वह मेरे घुटनों के ऊपर आकर फंस गयी।तभी मैंने उसे कहा- यार, बहुत छोटी है मेरे लिए!तो वो मेरे पास आया और बोला- नहीं; ठीक है!और निकर को पकड़ कर ऊपर खींच दिया और मुझे पहना दी। यह बेहद छोटी निकर थी, पहले तो मुझे लगा कि वो फट जाएगी लेकिन वो एक शानदार खुलने वाले कपड़े की बनी थी और फटी नहीं। निकर बहुत लो-कट थी। एलास्टिक धुन्नी(नाभि) के बहुत नीचे थी और वो निकर नीचे से मेरी फुद्दी पर कस गई थी।वो मेरी मेरी मेहंदी लगी जांघों को ढकने की बजाये और पेश कर रही थी। मेरे बड़े बड़े चूतड़ उसमें और खुल कर सामने आ गए थे जांघ की मेहंदी. हिंदी XXX जिस्म तो पौंछ लेती ठीक तरह, रुक… मैं करता हूँ।यह कहकर उसने नीचे पड़ा तौलिया उठाया और फिर बेड पे आकर मुझे थोड़ा बैठाया और फिर धीरे धीरे सारा जिस्म पौंछा। तभी अचानक उसने टॉवल दूर फेंक दिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये और मेरे ऊपर चढ़ गया। उसका लण्ड अब पूरी तरह खड़ा था, मेरी टाँगें अपने आप उसकी पीठ पर आ गयी और मैंने उसे जकड़ लिया।उसे मेरी यह अदा बहुत पसंद आई और वो ज़ोर ज़ोर से मेरे घूंट भरने लगा। इस बार मैं और ज़्यादा नशे में थी जिसके कारण मुझे दीन दुनिया की खबर















