तो उन्होंने कहा – हाँ कहो मैंने कहा – “आज आप बहुत ही अच्छी लग रही है”। मेरी इस बात पर वो हसने लगी। मैंने कहा सच में आप बहुत अच्छी लग रही है। उन्होंने मुझसे कहा – हाँ वो तो मै बचपन से हूँ।धीरे धीरे समय बीता, मै रोज उनसे पढ़ने के लिये घर जाता था, अब तो वो मुझसे हर बात बताने लगी थी। अब तो उनसे मेरी दोस्ती हो गई थी। मै भी रोज उनके लिये कुछ ना कुछ ले जाने लगा। जिससे वो मुझसे और भी खुश रहती थी। एक दिन मै उनके घर जल्दी आ गया, वो अपने कमरे में लेटी हुई थी और उन्होंने ऊपर केवल ब्रा ही पहना था और नीचे लोवर पहन था।दरवाज़ा बंद था मैंने दरवाजा खटखटाया, उनको दरवाजा खोलने में देर लग रही थी मैंने सोचा छेद से देखता हूँ क्या हो रहा है। जैसे ही मैंने अपनी आंखे लगाई ,तो वो केवल ब्रा में अपना ऊपर का टॉप ढूढ रही थी। मै तो उनकी चूची को देख कर बेकाबू होने लगा था। कुछ देर बाद उन्होंने दरवाज़ा खोला।मुझको देख कर उन्होंने कहा – तुम हो मुझे लगा कोई और आया है। वो मुझे पढाने लगी, लेकिन आ मेरा मूड पढ़ने को नही था। मै उनकी चूची के बारे मे सोच रहा था। कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा – तुम क्या















