भाभीजी बाहर हैं इसलिए ही जल्दी आई हूँ।हम दोनों कमरे में आ गए हँसते हुए उसने अपना ब्लाउज उतार दिया ब्रा में बंद दोनों चूचियाँ मेरा लण्ड खड़ा कर चुकी थीं।उसने कामुक अंगड़ाई ली और बोली- ब्रा का हुक खोलो ना!मैं पगला रहा था, मैंने उसे बाँहों में भरा और उसकी ब्रा का हुक खोल कर पलंग गिरा दिया। उसकी दोनों बड़ी बड़ी संतरे जैसी चूचियाँ बाहर आ गई थीं जिन्हें मैं पागल की तरह दबाने लगा।रोज़ा रोकते हुए बोली- इतने उतावले क्यों हो रहे हो? XXX Hindi तब मैं प्रीति जी की चूत दिलवाऊँगी। मैंने प्रीतिजी को बता दिया है कि तुम दो घंटे तक चूत चोदोगे उनकी।उनके पति उन्हें दस मिनट से ज्यादा चोद नहीं पाते और चार महीने में एक बार मारते हैं, महीने में बीस दिन बाहर रहते हैं। मेरी चाल में तो 9-10 इंच लम्बे लण्ड वाले लोंडे हैं जो 6-6 घंटे तक चूत फाड़े रखते हैं लेकिन प्रीति जी तुम्हें पसंद करती हैं और तुमसे ही चुदना चाहती हैं।अब तुम उन्हें एक घंटा भी नहीं चोद पाए तो मेरी इज्ज़त मिटटी में मिल जाएगी। मैंने उसकी बात मान ली और चुदाई शुरू कर दी। रोज़ा ने मुझे पूरा सहयोग किया और 5-6 आसनों से मेरा लण्ड चूत में डलवाया। डेढ़ घंटे बाद मेरा लण्ड पहली बार झड़ा.इतनी देर तक मैं रोज़ा को इसलिए चोद पाया क्योंकि रोज़ा ने















