.अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। बाबूजी इश्कबाज बनकर चूसने लगे। और काफी देर चूसकर रस लेते रहे। फिर उन्होंने चाची की साड़ी उतरवा दी और उनको न्यूड कर दिया। पेंटी उतरवा दी और चूत को चाटने लगे। फिर काफी देर किस किया।उसके बाद मैंने देखा की बाबूजी मुठ दे देकर अपने लंड को खड़ा किये और चाची की सेक्सी चुद्दी में घुसाकर खूब चोदे। ये सब देखकर मैं अब औरत मर्द के जिस्मानी रिश्ते के बारे में सब समझ गयी थी। जब बाबूजी ने संध्या चाची को अघाकर चोद लिया तो उनकी नजरे मुझ पर गढ़ने लगी।2 साल अब बीत गये थे और अब मैं 18 साल की जवान सेक्सी लड़की हो गयी थी। मेरा बदन कमल के फूल की तरह खिल गया था। मैं देखने में किसी औरत जैसी दिखने लगी थी। मेरे दूध अब 34” के काफी बड़े बड़े हो गये थे। मैं घर पर टीशर्ट और लोअर ही पहनती थी।टी शर्ट कसी ही होती है जिसमे मेरी 34” की रसीली चूचियां बड़ी बड़ी स्पस्ट रूप से बाबूजी को दिख जाती थी। मुझे ये पता चल गया था की वो मुझे चोदने का मन बनाये हुए है। जैसे ही मैं उनके सामने झुकती थी टी शर्ट के भीतर से मेरी मस्त मस्त बाल जैसी चूचियां दिख जाती थी। उनका लौड़ा उनके पेंट में खड़ा हो जाता था।















