पर विनय तो पूरा तैयार था दूसरी बार झड़ने को, मैंने उसको अपने ऊपर से गिरा दिया. मैं फ़ोन पकड़े छत की तरफ शुन्य में निहार रही थी. XXX Hindi अपनी टांगे उठा कर उस पर लपेट दी और अब मैं भी चुदने के मजे लेने को तैयार थी.मैंने आहें जोर जोर से आहें भरना शुरू किया आह्ह, आह्हहह आह्ह ओ विनय, चोद दे मुझे, हां यही पे, हम्म, आउच, ऊहहह आहह्ह्ह आ मेरी चूत भर दे. उसको मैं लगातार मना कर हल्का प्रतिरोध कर रही थी. मैं पूरी नंगी हो गयी थी और उसने मेरी दोनों टाँगे दबा के रखी थी. मैं एक हाथ से फ़ोन पकड़े और दूसरे से टॉवल पकड़े रखने का प्रयास कर रही थी. मेरा शरीर अब थोड़ा हल्का महसूस कर रहा था. वो सचमुच पूरी तैयारी के साथ ही आया था.मैं: “तुम्हे पता हैं, तुम्हारा दोस्त क्या करने वाला हैं?”बासुकी (फ़ोन पर): “अरे क्या हुआ? ये इन दोनों दोस्तों की मिलीभगत हैं. शाम को बासुकी घर लौटा और मैंने उससे थोड़ी शंका समाधान करने की कोशिश की. मैं और भी आवाज कर उन्हें चिढ़ाने लगी. उसकी उंगलियों के मेरी चूत पर रगड़ से मुझे नशा चढ़ने लगा.मैंने अपने पाँव पुरे खोल अपनी गांड को हिला उसकी ऊँगली अपनी चूत में घुसाने की कोशिश की.















