तो दोस्तों जैसे की अब तक आप सब ने पढ़ा की कैसे मेरे पिता जी अपनी बहु के दीवाने हो गए थे और उसे चोदना चाहते थे. हिंदी XXX खुशबू की आवाज मुझे स्पष्ट सुनाई दे रही थी…“ठरकी बाप का चुतिया बेटा” खुशबू जोरो से हँस पड़ी.“अरे धीरे उठ गया तो.”“कल दोपहर तक नही उठेगा दूध में 5 गोलिया डाल दी है, 2 गोली में ही उसका क्या होता था तुम्हे तो पता है.”दोनो फिर से हँसने लगे, मेरे सामने वीडियो का हर चित्र घूम गया था, मैंने दरवाजे को जोरो से लात मारी.“क क कौन है” रविश की डरी हुई आवाज आई.“दरवाजा खोलो.”मैं दहाड़ा और थोड़ी ही देर में दरवाजा खुला सामने खुशबू एक नाइटी में थी वही रविश एक निकर और बनियाइन में देखने से ही पता लग रहा था की उन्होंने ये जल्दी जल्दी में पहना है… मैंने पिस्तौल की नोक सीधे रविश के माथे पर ठिका दिया.मेरे हाथो में बाबुजी की पिस्तौल थी और उसकी नोक पर था रविश का सर, वो और खुशबू डर से कांप रहे थे, मेरे चहरे में आया हुआ गुस्सा थोड़ी देर में ही मुस्कान में बदल गया, और मैं ठहाके मार कर हँसने लगा, वो दोनो ही मुझे बड़े ही आश्चर्य से देखने लगे थे.“बहुत कमाल का खेल खेला है तुम दोनो ने, मेरे हाथो अपने रास्ते का सबसे बड़ा कांटा हटवा दिया, और















