हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की सिसकारी निकालने लगी। कुछ देर तक तो मैने उसकी चूत को चाटा.लेकिन वो मेरे सर को पकड़कर और जोर और जोर से “… उंह हूँ.. हिंदी XXX हूँ…..ह मम अहह्ह्ह….अई…अई….” की आवाज के साथ अपनी चूत चटाने में मस्त थी। फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसकी चूत को किस किया और फिर अपना लंड उसकी चूत के छेद पर लगाया। उसकी चूत में अपना लंड मै रगड़ रहा था।“आहहहहह!! मेरे को पता ही नहीं चल पाया” अर्चना ने कहा.“तुम स्पीकर पर फ़ोन करके बात कर रही थी। मै तभी आया लेकिन सोचा बात कर रही हो तो कौन डिस्टर्ब करे” मैंने कहा.अर्चना मेरी बातों को सुनकर समझ गयी की मैने उसकी बातों को सुन लिया है। वो बहुत ही डर गयी।“तुम्हारी बातो को मैंने सुना है। लेकिन किसी से कहूंगा नही!” मैंने कहा.इतना सुनते ही अर्चना मेरे से चिपक गयी।“तुम अपनी स्कर्ट में काफी देर से कुछ कर रही थी” मैंने कहा.“वो वहां..वहां.. फिर रूम में रखे क्रीम को अर्चना ने मेरे लंड पर क्रीम लगाया। हम साथ मे चिपककर कुछ देर तक मजा लिया। उसके बाद वो अपने घर चली गयी। जब भी मौक़ा मिलता वो मेरा लंड खा लेती थी। अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- हूँ…..ह मम अहह्ह्ह….अई…अई….” की आवाज के साथ अपनी चूत चटाने में मस्त थी। फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसकी चूत को















