कभी कभार उनका भी ध्यान मेरे तरफ जाता था.लेकिन वो कुछ बोलती नही थी. XXX Hindi मैं वाहा से सीधा आके सोफे पे बैठ गया. तुम बताओ आज इतने दीनो बाद कॉलेज की कैसे याद आई.मैं: अरे मेडम वो कुछ डॉक्युमेंट्स लेने थे. मैं आपको एक सच्ची कहानी आपके साथ साझा करने जा रहा हू आपको पसंद आएगा. आह… क्या मम्मे थे उनके एकदम गोरे गोरे. मैं आपको एक सच्ची कहानी आपके साथ साझा करने जा रहा हू आपको पसंद आएगा. जिससे मैं सपनो मे लेकर मूठ मरता था. उनकी गांड बाहर निकली थी. फिर हम लोग उनके घर के नोचे पहुच गये. मैं जयपुर मे रहता हूँ. और मैं बाथरूम मे गया तो देखा उनकी पेंटी वही पे पड़ी थी. मुझे पता नही क्या होगया था… मैं पागलों की तरह उन्हे चूमे जा रहा था.मेडम: आ…ओह…मितुल..इतना प्यार करते थे आपनी प्रीति मेडम से….अहह…मैं: हहानं मेडम…बहुत श… और मैं उनके बूब्स चूसने लगा…मेडम: ऑश…चूसो मेरे डियर स्टूडेंट …आ.हह..और ज़ोर से चूसो…भोोट अच्छा लग रहा है…अहह..चूसो मेरी जान चूसो… अहह…और मैं उनके बूब्स चुसते चुसते उनके पेट और नाभि को भी चूमने लगा… वो सिर्फ़ सिसकियाँ ले रही थी और मेरे बालो को सहला रही थी…ह…कितना सच मिल रहा था..मुझे..फिर मैं…नीचे जाके उनकी पेंटी के उपर से चुत को छूता रहा…मेडम: आह..मितुल..क्या कर रहे हो…मैं: आपको प्यार कर रहा हूँ…अहह…उम्म्म्माआआआ……मेडम: श….मितुल तुमने तो मुझे पागल















