मैं दरवाजा खोल कर बाहर गई. करीब दस झटकों के बाद मेरी चूत काफी खुल गई थी अब दर्द भी नहीं हो रहा था. हिंदी XXX मैं दर्द से कराह उठी. मैं भी सोची की अगर मैं यहाँ कोई भी फैसला करती हु तो वो फैसला मेरे विरुद्ध ही जायेगा. और हम दोनों नंगे होते होते एक दूसरे को चुम्नते रहे, वो मेरी चूचियों को दबाते रहे. एक केक और मोमबती भी था. दोस्तों मैं आपको आज अपनी कहानी सुनाने जा रही हु, कैसे मुझे मेरे ससुर ने अपनी बीवी बनाया क्यों की पति मादरचोद पागल है, उसका तो लंड भी खड़ा नहीं होता है. फिर तुम खुद समझना की तेरे साथ क्या हाल होगा.मैं सब बात को समझ चुकी थी. इसलिए मैंने उनको गले लगा लिया. दोस्तों मैं आपको आज अपनी कहानी सुनाने जा रही हु, कैसे मुझे मेरे ससुर ने अपनी बीवी बनाया क्यों की पति मादरचोद पागल है, उसका तो लंड भी खड़ा नहीं होता है. अब क्या है. आधा से ज्यादा पागल है.मैंने पहले शादी के लिए मना भी किया था पर मुझे ये समझाया गया की हमलोग तो गरीब है तुम बहूत बड़े घर में जा रही हो, लड़का का इलाज हो रहा है वो जल्द ही ठीक हो जायेगा. मैं उसके होठ को चूसने लगी.















