ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.तो मैंने खुश होकर उससे कहा कि तुम दोपहर में दो बजे मेरे रूम पर आ जाओ, में तुम्हे सब कुछ बता दूँगा, लेकिन उसी समय उसने चकित होकर मुझसे पूछा क्या रूम में? हिंदी XXX तो मैंने उससे कहा कि हाँ, में अपने रूम में बिल्कुल अकेला ही हूँ क्योंकि मेरा वो दोस्त जो मेरे साथ रहता है वो अपने किसी जरूरी काम से अपने घर गया हुआ है.और तब उसने मेरी पूरी बात को सुनकर कहा कि हाँ ठीक है और वो करीब पांच मिनट के बाद ही मेरे रूम में आ गई। दोस्तों सच कहूँ तो मुझे इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि वो मेरे कहते ही इतनी जल्दी आ भी जाएगी, इसलिए में अपने कंप्यूटर से उस सेक्सी फिल्म की पेनड्राइव भी नहीं निकाल पाया.और मैंने दरवाजे पर किसी के खटखटाने की आवाज को सुनकर उठने से पहले तुरंत फिल्म को बंद कर दिया और में दरवाज़ा खोलने चला गया। फिर मैंने खोलकर देखा कि बाहर दरवाजे पर कल्पना ही खड़ी हुई थी। दोस्तों अहह वो तो उस समय जींस और टॉप में क्या मस्त सेक्सी लग रही थी?में अपनी चकित नजर से कुछ देर उसको देखता ही रह गया, क्योंकि मैंने तब देखा कि उसके गोल गोल बड़े आकार के बूब्स उसके टाईट कपड़ो से बाहर















