मुझे एक झपकी सी लग गयी.थोडी देर बाद मम्मी ने मुझे उठाया. हिंदी XXX इसी प्रकार की मीठी मीठी बाते करते मुझे नीन्द आ गई और मै सो गया. पहले तो मै इस मामले मे अन्जान होने की वजह से बस कोई आईसफ्रूट की तरह मम्मी की चूत चाट रहा था. मैने उठकर उनके बडे और फूले चुतडो पर हाथ रख दिये. मैने लेप लगाते लगाते मम्मी से हिम्मत करके पूछा, मम्मी आप अपनी टान्गो पे क्या लगाती हो, उन्होने आन्खे खोल कर मेरी ओर देखा और पूछ क्यू, मैने कहा मुझे नही पता था के इतनी भी मुलायम स्किन किसी की हो सकती है.तो मम्मी हस के बोली तुम पागल हो, मैने फिर जिद की के बताओ ना क्या लगाती हो, वो बोली कुछ खास नही हमेशा तेल मालिश करती हू, लेकिन आज मेरे लाडले बेटे ने मसाज किया है इसलिये स्किन और भी नरम हो गयी होगी, चल अब जल्दी खतम कर इस विधी को.जैसे ही मैने स्कर्ट के अन्दर हाथ डाला तभी दरवाजे पर किसीने खटखटाया. मैने सोचा कि अब वक्त आया है आगे बढने का. कुछ देर बाद मेरी नीन्द टूटी कुछ आवाज से. जैसे ही मैने मम्मी की लगभग पूरी नन्गी पीठ को छुआ मेरे शरीर मे बिजली दौड गयी, मेरी रगो मे खून दुगनी रफ़्तार से बहने लगा.मम्मी का भी शायद यही हाल था, उनकी पीठ एकदम चिकनी















