राजा इसी तरह से… भर दो अपने मनीष रस से बुर को… अहह इसस्स्स्स्स्स ओह..!जीजाजी कस-कस कर धक्का मार कर मेरी बुर को चोद रहे थे। थोड़ी देर बाद उनके लण्ड से लावा निकला और मेरी बुर की गहराई में झड़ गए और मैं भी साथ-साथ खलास हो गई। मैं सेफ पीरियड में थी, इसलिए परवाह नहीं थी। कुछ देर पड़े रहने के बाद मैं बुर को साफ कर जल्दी बाहर निकल आई.बाहर आकर बिस्तर को ठीक किया, कमरा व्यवस्थित किया और भाभी के कमरे से एक ब्लू-फिल्म की सीडी लाकर ड्रेसिंग टेबल के दराज में डाल दी। तब तक जीजाजी तौलिया लपेटे कर बाथरूम से बाहर आ गए। वे फ्रेश दिख रहे थे शायद वे साबुन लगा कर ठीक से नहा लिए थे।उन्हें देख कर, “मैं भी फ्रेश हो कर आती हूँ।” कह कर बाथरूम में घुस गई।इसी बीच मोना चाय लेकर ऊपर आई और कमरे के बाहर से आवाज़ दी, “जीजाजी आँखे बंद करिए.. उस सीडी को लगाने की मेरी अब हिम्मत नहीं है, उसे देख कर यह मानेगा क्या?” मैं उनके लौड़े को पकड़ कर बोली।“आप भी कमाल के आदमी हैं चुदाई से थकते ही नहीं.. हिंदी XXX उसकी बात को, वह हर समय कुछ ना कुछ बिना समझे बोलती रहती है.. यह सब छोड़ जब तू यहाँ आकर मर ही गई तो बुर खुजलाना छोड़..















