कोच ने पूछा।वो मैं मैं …! मैं हकलाने लगी। मैं आपसे प्यार करती हूँ! हिंदी XXX छुपाने से काम नही बनता रमेश बोले।मेरे अंदर टैलेंट है। मैं आपको जरूर दिखाऊंगी! मैंने कहा.…तो ठीक है शाम को 8 बजे घर आ जाना रमेश बोले।मैं थोड़ा हिचकिचा गयी। पर कुछ नही बोला। बॉक्सिंग फेडरेशन लीग का इतना बड़ा अधिकारी आखिर मैं क्या कहती। मुझे जरा जरा अंदेशा हो गया था। सायद वो मुझसे अपना बिस्तर गर्म करना चाहते थे। पर मैं हर बात के लिए तैयार थी। शाम को नीलें रंग के सलवार सूट में मैं क्रीम पावडर लगाके पहुची।आओ आओ! ई लव यू!! कोच बोले।ई लव यू टू सर! मैंने सर झुकाकर कहा.बस फिर क्या था। रमेश मुझे अंदर अंदर ले गया। ऊँगली से कपड़े उतारने का इशारा किया। अपना कुर्ता पाजामा उतारा। मैंने अपने कपड़े निकाले। रमेश मेरे दुधारू मम्मो को देखकर टूट पड़े। खूब मम्मे पिए।क्या कोई बॉयफ्रेंड है ?? ई लव यू!! कोच बोले।ई लव यू टू सर! क्या अब मेरा बिना चोदवाए काम नही चेलेगा? मैंने हिम्मत करके कहा.सायद कोच भी मुझे प्यार करते थे। तुमको इसकी सजा मिलेगी कोच बोले। वो गुस्से में लग रहे थे। मैं घबरा गई। वो मेरे बाथरूम में आ गए। दरवाजा बंद कर लिया। मुझे पकड़ लिया और अपना मुँह मेरे मुँह पर जोड़ दिया। यकीन नही हो रहा था मेरे कोच महेंद्र भी मुझसे प्यार















