थोड़ी देर में एक बजते ही शंभू अपने घर आया और अपने रूम में चला गया।अपने रूम में जाते वक़्त उसने शाजिया की पैंटी ब्रा को देखा जो आज शाजिया ज्यादा अच्छे से फैलाकर टांगी थी। शाजिया के दिमाग में अभी तक शंभू का ख्याल नहीं आया था की ये ऐसा कर रहा होगा। शंभू को देखने के बाद उसे लगा की शंभू चाचा तो दो घंटे तक अपने रूम में रहेंगे, तब तक तो मैं यही फँसी रहूंगी।उसे लगा था की वो छत पे छिपकर देखेगी की कौन उसकी पैंटी के साथ क्या करता है? क्या वो लोग मेरे बारे में ऐसा नहीं सोचते? XXX Hindi लेकिन अब तो लग रहा था की उल्टा वही फँस गई हैं दो घंटे के लिए। कहीं शंभू चाचा की नजर मुझपे पड़ गई तो क्या सोचेंगे की मैं छिपकर उन्हें देखती हूँ। छिः। शाजिया वहाँ से निकलने का प्लान बना रही थी।लेकिन शंभू के रूम का दरवाजा खुला था तो वो डर से स्टोररूम से बाहर नहीं निकल पा रही थी। थोड़ी देर बाद शंभू चाचा अपने रूम से लुंगी और गंजी में बाहर निकला। वो अपने लुंगी के ऊपर से लण्ड को सहला रहा था। उसने शाजिया की पैंटी को रस्सी से उतारा और मुँह में लेकर चूमने चाटने लगा, जैसे शाजिया की चूत चाट रहा हो।उसकी लुंगी सामने से खुली थी जिसमें से उसने















