हस्तर की कामुक कहानी: टम्बाड का भयानक रोमांच

मेरी तो धड़कन तेज हो गयी थी, पर मैं उनके प्रश्नो का जवाव दे रहा था, फिर मैंने बैठने का इशारा किया, वो बैठ गयी कुर्शी पे.मैंने कहा अभी आपके लिए ठंडा लाता हु, वो बोली नहीं नहीं पर मैं नहीं माना शर्ट पहना दौड़कर निचे गया उनके लिए एक ठंडा लाया उनको भी दिया और मैंने भी ली, नमकीन प्लेट में था, दोनों खा रहे थे और पि रहे थे, मैं बार बार उनके बदन को देख रहा था क्यों की वो अंदर कुछ भी नहीं पहनी थी.फिर वो गिलास खुद ही रखने जाने लगी मैंने मना किया पर वो किचन में चली गयी जब वो उठी और झुकी तो मैंने उसके चूची को लटकते हुए देखा मैं तो कायल हो गया, फिर वो जब जाने लगी तो पीछे से उसके गोल गोल चौड़ी गांड मस्त हिलोरे लिए जा रही थी. मैंने देखा मेरे लण्ड के ऊपर थोड़ा वीर्य अपने आप ही नक़ल गया. हिंदी XXX फिर वो अपने नाईटी को उतार दी, मस्त शरीर का दर्शन होकर मैंने धन्य हो गया, बोलो बोलो भाभी जी की जय…….. फिर वो अपने नाईटी को उतार दी, मस्त शरीर का दर्शन होकर मैंने धन्य हो गया, बोलो बोलो भाभी जी की जय…….. मेरी तो धड़कन तेज हो गयी थी, पर मैं उनके प्रश्नो का जवाव दे रहा था, फिर मैंने बैठने का इशारा किया, वो

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