लेकिन वो सेक्स की तड़प से ज़्यादा नहीं थी और मेरे दिमाग़ में अब सेक्स ही था और कुछ नहीं था.रात को हम तीनो साथ ही सोते थे और अरुण मुझसे छोटा था.. मुझे पता नहीं कि इस उम्र में उसका लंड खड़ा होता होगा या नहीं. हिंदी XXX और वो भी मेरी चूत में अपनी पूरी जीभ को डालकर अंदर बाहर करके चूसने लगा. वो हमारी फेमिली में सबसे छोटा है और हमारी फेमिली एक दूसरे से बहुत प्यार से रहती थी.. “Chhote Bhai Ka Lund”फिर मैंने उसके लंड को अपने एक हाथ से छुआ और महसूस किया.. में किसी को नहीं बताउंगी तो वो मेरी यह बात को सुनकर एकदम चुप हो गया. इसलिए मेरी स्पीड भी अपने आप बड़ चुकी थी.अरुण : क्या हुआ.. में इतनी खुश थी कि में क्या बताऊँ.मैंने अपनी पूरी जीभ उसके मुहं में घुसा दी और उसकी भी जीभ को बहुत जमकर चूसा तो उसका लंड इतनी जोश भरी किस के कारण फिर से तनकर खड़ा हो गया था. शायद उनके कारण मुझसे ऐसा हो गया.. हमने फिर से एक बहुत लंबा किस किया और कपड़े पहनकर सो गये..में रात को उसकी अंडरवीयर में अपना एक हाथ डालकर सोई थी और में रात भर उसकी गांड की मालिश और लंड की गर्माहट लेती रही लेकिन वो तो थककर गहरी नींद में सोया था.















