यहाँ से पहले माँ-बाप के पास भी क्या ऐसे ही रहती थी ! सोचकर ही रोंगटे खड़े हो गए। कैसी किरकिरी होगी ! हिंदी XXX फोन पर नहीं कह सकती। इट्स अर्जेंट… बस तुरंत आ जाओ।”मुझे गुस्सा आ रहा था। “ये नाश्ता-वाश्ता क्या बक रही थी?”“गलत बोल रही थी?”उसे कुछ ध्यान आया, उसने दुबारा फोन लगाया, “अरुण , प्लीज अपना शेविंग सेट ले लेना। मुझे लगता है उसकी जरूरत पड़ेगी।”शेविंग सेट! सोचकर ही रोंगटे खड़े हो गए। कैसी किरकिरी होगी ! आह..एक चौंधभरे अंधेरे में चेतना गुम हो जाती है।“यह तो नहीं हुआ? अब मजाक छोड़ती हूँ। तुम तुरंत आ जाओ। माइ रूममेट इज इन अ बिग प्राब्लम। मुझे लगता है तुम कुछ मदद कर सकते हो… नहीं नहीं.. हाथ में केवल डंठल और छिलका था। मैं बदहवास हो गई। अब क्या करूँ?“माधुरी, दरवाजा खोलो !”…. एमबीबीएस कर रहा है। कोई राह निकाल सकता है। सबके जानने से तो बेहतर है एक आदमी जानेगा।”बाप रे ! भगवान ने जो खूबियाँ दी हैं उनको नकारते रहना क्या इसका सही मान है? ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैंने आँख पोछी और हिम्मत करके कमरे से बाहर निकली। कोशिश करके सामान्य चाल से चली, गलियारे में कोई देखे तो शक न करे। बाथरूम में आकर दरवाजा बंद किया और नाइटी उठाकर बैठकर नीचे देखा। दिख नहीं रहा था।काश, आइना लेकर आती। हाथ















