किशोरी को चोदते हैं पालक माता-पिता

अब तो मैं भी ठरकी हो चुकी थी.दोगी?? XXX Hindi मैंने कहा.सलहज और ननदोई का ये हसी मजाक उस दिन से चलना शुरू हो गया. कुछ देर तक तो उधर से कोई जवाब नहीं आया. फिर लंड लगाकर मुझको चोदने लगा. मेरी छोटी नन्द विनीता के बच्चा होने वाला था इसलिए मुझको ननदोई जी के घर कम करने के लिए भेजा गया.मैं दिन रात अपनी नन्द की सेवा करती थी. ननदोई जी! मुहाब्त के ये सिलसिला चल निकला. फिर कपड़े पर कर मैं उनके साथ निचे आ गयी. मस्त बड़ी थी गुद्दीदार बुर थी मेरी. उनको क्या संतुष्ट कर पाते है?? मेरे लडके की बरही वाले दिन ननदोई [सूरज] आये और एक कुर्सी पर चुप चाप बैठ गये बहुत शरमाते थे खासतौर पर भाभियों से.सूरज गोरखपुर में पशु डॉक्टर थे मैंने जब उनको देखा तो भागके उनके लिए मैं कोल्ड्रिंक और स्नाक्स ले गयी. मैं तो बिलकुल से झेप गयी.कोई आसान नहीं छोड़ता हूँ. साहित्य में उसको कोई रुचि नही थी. सूरज ने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया. नन्दोई बोले. मैं अब उनसे बिलकुल चिपक गयी. ये मेरी पहली कहानी है. ननदोई पर चुदाई की ऐसी वासना सवार हुई ही मुझे हर जगह चूमने चाटने लगे. मौका ताडकर सूरज से मेरे होंठों पर चुम्बन ले लिया.अब आप लोगों को मैं क्या गोल गोल बताऊँ.

किशोरी को चोदते हैं पालक माता-पिता

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