दिनेश ने मम्मी को अपने बाहों में समेटे गोदी में लेकर सोफे पर बैठ गया। अब दिनेश पुरी तरह से खुल चुका था। मम्मी दिनेश की गोदी मे बेठ हुई थी दिनेश ने बिना देर किये उनका चेहरा हाथो मे लिया और उनके होठो को चूसने लगा।उसके हाथ मम्मी की गोलाई पर रेगने लगे। दिनेश के तना लंड मम्मी की गांड़ में धंसा जा रहा था। दिनेश ने मम्मी के ब्लाउज के उपर से ही रगड़ना शुरु कर दिया। मम्मी की सिसकियाँ निकलने लगी आहहहउफ्फ आहहह। दिनेश ने मम्मी का ब्लाउज खोल कर अलग कर दिया और ब्रा मे कसी चुचियो को देख उपर से ही चूसने लगा।फिर उसने ब्रा को एक झटके मे उतर दिया और मम्मी के दोनों अनारों को हथेलियों में भरकर मसलने लगा। मम्मी की छातियां दिनेश की मिसाइ से और सख्त हो गई। दिनेश मम्मी के गुलाबी निप्पलो को बारी बारी चूसने लगा। दिनेश के हाथ मम्मी की साड़ी मे घुसने लगे और वो मम्मी की चूत को छेड़ने लगा।अब दिनेश ने मम्मी को गोद से उठाया और खुद भी उठा। दिनेश ने मम्मी की साडी उतर दी। और उन्हे गोद मे उठा लिया। दिनेश मम्मी को गोद मे उठाये प्यार करने लगा। मम्मी बहुत बेचेन हो रही थी। दिनेश ने मम्मी को बिस्तर पर लिटा दिया और खुद भी उनके बगल मे लेट गया। और उनके















