इसलिए मैं वापस टीचर रूम की तरफ जर आहा था. हिंदी XXX और तभी मेरे कुछ डॉक्युमेंट्स कॉलेज मे रह गये थे. फिर मैं टीचर्स रूम मे गया. वाहा जाके कुछ पुरानी यादे ताज़ा हो आई थी. बतादो. मैं: आपके ये आँखे, आपके कोमल गुलाबी होंठ, आपके….मेडम: अब बोलो भी ना मितुल..आह..और मत तड़पाओ मुझे और मुझे भी तुम बहुत अच्छे लगते हो..उम्म्माआआ….आआआ.मैं: मेडम आप सच मे बहुत खूबसूरत है…आपके ये बड़े बड़े बूब्स..कितने अच्छे लगते..और आपकी ये पतली कमर..आ..मेडम…जी तो करता है..बस इन्हे ही देखता रहूं…मेडम: आ..मितुल तुम्हे कितनी कदर है.. मैने उसे उठाया और सूंघने लगा…आह…क्या खुश्बू आ रही थी. मैं तो बैचें हो रहा था. मैं तो होश मे ही नही था. ऑफीस मे देने के लिए.मेडम: ओके…मितुल..बाकी सब ठीक चल रहा है.मैं: हाँ मेडम. Purani Teacher Chudaiवो इंग्लीश की क्लास लेती थी. मैं जयपुर मे रहता हूँ. आप कैसी हो?मेडम: मैं ठीक हूँ. तभी उन्होने मुझे देखा और मैने भी उन्हे देखा. मैं तो होश मे ही नही था. आप अभी भी वैसी ही हो जैसी पहली थी.मेडम: श मितुल तुम भी ना..( और मेडम थोडा शर्मा गयी).मैं: ओके मेडम.. मैने मेडम की आँखो मे आँखे डाल के कहा.मैं: मेडम मुझे ना आप जैसी लड़की चाहिए.मेडम: श..मितुल..ऐसा क्या है मुझमे जो तुम्हे मैं इतनी अच्छी लगती हूँ.















