तुम कितना प्यार करते हो मुझे। करो रविन्द्र मुझे और प्यार करो” मम्मी जी बोली.वो अब और प्यार करने लगा। उसने कितनी बार उनके सेक्सी सपाट पुट्ठो पर किस किया। फिर गांड के छेद में जीभ लगाकर चाटने लगा। अब तो मेरी मम्मी को और अधिक आनंद आ रहा था। वो मर्द मम्मी की गांड को पी रहा था। जल्दी जल्दी चाट रहा था और एक हाथ से चूत के दाने को जल्दी जल्दी हिला रहा था।ये सब देखकर मेरा लंड टनटना गया। जी हुआ की अभी जाकर अपनी माँ को चोद लूँ। वो आँखें बंद करके मम्मी की गांड के छेद को चाट रहा था। मम्मी कुतिया बनी हुई थी। लग रहा था की कोई मूर्ति रखी है। वो बस जल्दी जल्दी जीभ हिलाकर चाट रहा था। वो मस्त हो गया था।आखिर उसने अपने 10” लम्बे और 4” मोटे लंड को मेरी मम्मी जी की गांड के छेद पर रख दिया और एक जोर का धक्का दिया।“ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. XXX Hindi ओ हो हो….आराम से रविन्द्र!! चोदना है तो जल्दी चोदो। मेरा बेटा प्रताप अब कॉलेज से आने वाला है” मम्मी ने उससे बोला.“चलो कमला रानी! .अई… उ उ उ उ उ…” बोल बोलकर सिसक रही थी। कितनी देर तो वो उनकी सेक्सी गद्देदार नाभि को चूसता और पीता रहा।“रविन्द्र!! ये मेरी जिन्दगी की















