गर्म देशी भाभी ने देवर को उसके कड़े लंड से चोदने के लिए लुभाया

और जब उसने तीसरी बार पूरा लण्ड निकाल कर जड़ तक पेला तो मैंने पूरा जोर लगाकर अपनी गांड ऊपर उठायी, हालांकि चीख मेरी इस बार भी निकली थी।लण्ड धुन्नी तक पहुंच गया था और बच्चेदानी के कहीं आस पास ही था। तभी पूरा अंदर डालकर वो रुका और बोला- ये हुई न बात, तेरे से इसी की उम्मीद थी। अब आएगा असली मज़ा, बहुत कम बार तेरे जैसी बराबर की औरत मिलती है।मैंने भी जवाब दिया- आ जा ढिल्लों, गूंथ दे आटे की तरह जट्टी को, तेरे जैसा मर्द पहली बार मिला है, तेरे लिये तो मेरी जान भी हाज़िर है। उधेड़ दे मुझे कपडे की गेंद की तरह।यह सुनते ही वो बहुत जोश में आ गया और मुझसे बोला- करता हूँ तेरी पहलवानी चुदाई। यह कहकर उसने मेरी टांगें मोड़ कर अपनी मज़बूत बांहों में ले लीं और मेरी तह लगा दी। अब हाल ये था मेरी फुद्दी चट्टान की तरह बहुत ऊंची उठ गयी। अब खेल मेरे बस में 1 प्रतिशत भी नहीं था और मैं 1 इंच भी नहीं हिल सकती थी।अब उस फौलादी इंसान ने लगातार पूरा बाहर निकाल कर 4-5 झटके दिए। मेरी चूत उसके लंड पर बेरहमी से कसी गई थी। ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चूत का अंदरूनी हिस्सा उसके लंड के साथ ही अंदर बाहर हो रहा था। तभी ज़ोर ज़ोर से

गर्म देशी भाभी ने देवर को उसके कड़े लंड से चोदने के लिए लुभाया

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