गर्म देसी आंटी की चुदाई की कहानी

तुम्हारे कबूतर छुपाने की चीज नही, दिखाने का माल है” राजेश चाचा बोले और मम्मी के हाथो को जबरन पकड़कर किनारे कर दिया।मम्मी का दिल जोर जोर से धड़क रहा था। कलेजा धकर धकर कर रहा था। वो घबराई थी। चाचा ने दोनों मम्मो को अपने हाथों के वश में कर लिया और सहलाने लगे। आज तो मेरे चाचा पूरी तरह से पागल हो चुके थे। इतने खूबसूरत स्तन आजतक उन्होंने नही देखे थे।मैं जान गया था की चाहे मम्मी जितनी कोशिश कर ले, आज तो चाचा उनको हर हालत में चोद डालेंगे। ये बात साफ थी। चाचा मजे लेकर सहलाने लगे, हाथ लगाने लगे। मम्मी की दोनों छातियाँ गर्व से तनी हुई थी। इतने सुंदर कलश जैसे दूध चाचा ने आजतक नही देखे थे। वो घूर घूर कर देख रहे थे। दर्शन कर रहे थे।मम्मी के मस्त मस्त दूध शायद दुनिया की सबसे सुंदर चीज थी। चाचा गोल गोल सहलाने लगे। मम्मी झुकने को तैयार नही था। दोनों कबूतर के निपल्स खड़े हो गये। निपल्स के शिखर पर काले रंग के बड़े बड़े गोले मम्मी की जवानी में चार चाँद लगा रहे थे। चाचा खुद को रोक न सके। पूरी तरह से आज ठरकी हो गये। उन्होंने दबाना शुरू कर दिया।दोनों कबूतर को चाचा मसलने लगे। मम्मी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। दोस्तों ये तो अभी शुरुवात थी। असली पिक्चर तो अभी

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