जो कि दिल्ली से मेरे मौसाजी का था.तो मौसाजी कहने लगे कि मौसीजी की तबियत कुछ ज़्यादा ही खराब हो रही है. हिंदी XXX दोस्तों अगर मुझसे इसमें कोई ग़लती हो जाए तो प्लीज मुझे माफ कर दीजिएगा. लेकिन आपकी तो चूसी है.. फिर इतना कहते ही वो राज़ी हो गई और अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगी और उसके छूने से ही मुझमें एक करंट सा दौड़ गया और फिर कुछ देर सहलाने के बाद उसने लंड को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू किया और में बहुत अच्छा महसूस करने लगा.फिर वो इतना जोश में थी कि उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड पर रखकर अपनी तरफ खींचा जिससे कि लंड उसके मुहं में पूरा समा जाए.. जिससे सिर्फ़ सुपाड़ा अंदर घुसा.. फिर उसने अपनी साड़ी को ठीक किया और हम बाहर आ गये और गोबर से भरी बोरियो को कार की डिग्गी में रखकर गौशाला की तरफ चल पड़े.तो उसने मुझे अपने घर से कुछ दूरी पर गाड़ी रोकने को कहा और बोली कि में यहाँ से चली जाऊंगी. वो पूरी गीली हो चुकी थी. लेकिन आपकी तो चूसी है.. अब आप भी मेरा लंड चूसो. में अपने घर पर पापा मम्मी के साथ रहता हूँ और हमारे पास तीन गाय है और उन गायों की देखभाल के लिए हमारे यहाँ पर एक ग्वाला आया करता था.















