अब तुम्हारी नुन्नी तो लण्ड बन गई है।मैं- हाँ.. मस्त मादक गंध के साथ बहुत पानी छोड़ रही थी।माँ अब मादक सीत्कार निकाल रही थीं ‘म्मम्म.. हिंदी XXX इसी कारण इतना फूल गया है।भाभी ने लण्ड को सहलाना चालू किया और अब मेरे लण्ड को चूसने लगीं। मैंने भी लेट्रिंग के बाद घर आकर लण्ड और हाथ-पैर नहीं धोए थे.. जैसे कोई गुलाब के फूल की पंखुरियाँ हों। हमने लगातार 10 मिनट तक होंठ चूसे। अब मैं भाभी के बोबे दबाने लगा। उनके बोबे काफी बड़े और सख्त थे.. तेल.. बहुत समय से इस प्यासी चूत में लण्ड अन्दर नहीं गया..मैंने उनकी इस बात पर ध्यान नहीं दिया और एक जोर का झटका मार दिया। अब मेरा पूरा लण्ड चूत में घुस गया था। भाभी दर्द से छटपटाने लगीं और उनकी आँखों से आंसू आने लगे। कुछ देर ठहरने के बाद मैं चूत को पेलने लगा, भाभी को मजा मिलना आरम्भ हो गया- फाड़ दे विभूति.. मालिश के लिए.. अब तो घर की चूतों को फाड़ने में लगे होगे।मैंने चौंकते हुए पूछा- तुम्हें कैसे पता?कोयल- कल रात तुम्हें डिब्बा लेकर लेट्रिंग जाते देख कर मैं भी तुम्हारे पीछे आई थी। मैंने सोचा था कि चलो आज फिर हगते हुए विभूति के बड़े लण्ड से चुदा लेती हूँ.. मैंने चूत को हाथों से सहलाया और चूत चौड़ी करके चाटने लगा। कभी भाभी के मस्त काले















