उसके कपड़ों के ऊपर जो रखा था, उसे देख कर मैं पागल सा हो गया.. अभी तो बस मुझे इस लम्हे को जी लेने दो और तुम मेरा यकीन करो मुझे तुम्हारे किसी अतीत से कोई परेशानी नहीं है।ये बातें हम मालिश टेबल पर ही कर रहे थे, यहाँ से प्रिया को नहाने जाना था। अब मैं खुशी से झूम उठा और मैंने प्रिया को अपनी गोद में उठा लिया। पहले यह संभव नहीं था.. XXX Hindi उस जगह को आहिस्ते से ऐसे छूने लगा, जैसे मैं किसी नवजात शिशु को सहला रहा होऊँ।अब पहली बार प्रिया के मुंह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज निकली और मेरी बेचैनी बढ़ गई। मैंने पेंटी को और फोल्ड किया.. तब दूध और पानी उसके बालों, गालों से होते हुए सीने की घाटियों पर.. क्योंकि जो चाहो वो हो जाए.. जैसा कामदेव और रति ने भी न किया हो। मैं मुस्कुरा उठा..मैंने कहा- देखो प्रिया हम दोनों ही पहले भी सेक्स कर चुके हैं और मैंने प्रिया से यह भी कहा कि मैं तुम्हारे साथ कामक्रीड़ा के चरम तक पहुँचना चाहता हूँ और वो तभी हो सकता है, जब हमारे मन में एक दूसरे के अतीत को जानने के बाद भी कोई गिला शिकवा न हो।तो प्रिया ने कहा- सौरभ तुमने मेरे लिए जो किया, उसके बाद तो तुम मेरे सब कुछ हो गए हो। अगर















