नहीं सोचा की अगर मुझमें खराबी आ गई होगी तो गैर मर्द से संबन्ध बनाने से भी गर्भवती कैसे हो जाउंगी,?बस लगातार यही सोचती रही की गैर मर्द से सहवास करुँगी तो मेरी लालसा पुरी हो जायेगी. पापा जी का जोश दोगुना हो गया, वे उसी रफ़्तार से जल्दी जल्दी घर्षण करने लगे, मैं लगातार कराहती रही, मुझे पेट में चुभन थोड़ा तकलीफ दे रही थी, अन्यथा उनके लंबे लिंग का घर्षण बड़ा आनन्ददायक लग रहा था, इसमें संदेह नहीं, घर्षण का आनन्द ही उठाने के लिये मैं पीड़ा सहने के लिये मजबूर थी.उन्होंने विश्राम के दौरान पुछा “मेरे सहवास में मजा आ रहा है ना बहु”.“मजा तो जरूर आता लेकिन दर्द के कारन मजा किरकिरा हो गया है, आज फंस गई हूँ, आइन्दा आपके पास कभी नहीं आउंगी, आप मजा कम पीड़ा ज्यादा पहुंचा रहे हैं.”वे रूक गये, लिंग को तुंरत थोड़ा सा पीछे खिंच कर कहने लगे “ऐसा क्यों कहती हो? हिंदी XXX क्या कह रहा था?”“मैं चाय का घुंट भरने ही जा रही थी की वो आ गया, उसे यह बता कर की ये अभी ड्यूटी से नहीं आये हैं, यों ही कह दिया चाय पिलो, वो रूक गया, मैं एक और प्याली ले आई, अपनी चाय देनी पड़ गई….” मैं छण भर के लिए रूक कर तुरन्त ही बोल पड़ी,” वह किसी विशेषग्य के बारे में बता रहा था, कह















