आज से तुम मेरी जाने गुलजार, जाने बहार हो!! XXX Hindi तुम जितना पैसा मांगोगी, मैं तुमको दूंगा। मेरे पास पैसे की कोई कमी नही है!!” मिश्रा अंकल बोले.“ठीक है !! मैं आपसे एक बार चुदवाने के 5 हजार रुपए लुंगी!!” मैंने कहा.उनकी तो जैसे आंखे चमक उठी। वो कोई बड़े सरकारी अधिकारी थे और 30 ४० हजार तो वो रोज घूस पाते थे। इसलिए मुझे एक बार चोदने के 5 हजार वो आराम से दे सकते थे। क्यूंकि वो कौन सी उनकी मेहनत की कमाई थी। वो तो रिश्वत की कमाई थी।“पल्लवी !! आज से तुम मेरी जाने गुलजार, जाने बहार हो!! ये मेरी बेटी है पल्लवी !!” मेरी माँ बोली.उसके बाद माँ से मुझे वही बिठा लिया और मिश्रा अंकल चाय सुर्र सुर्र करके पी रहे थे और मुझे गहरी नजरो से देख रहे थे। जैसे मेरे मोहल्ले के लड़के मुझे घूर घूर कर खा जाने वाली नजरों से देख रहे थे। मेरी माँ और मिश्रा अंकल में गहरी छनने लगी और माँ ने फ्लैट उनको किराए पर दे दिया। उसके बाद तो मेरी माँ आये दिन मिश्रा अंकल में फ्लैट में जाने लगी।कभी किराया वसूलने, कभी टीवी देखने। एक दिन मैं जब माँ को बुलाने मिश्रा अंकल के फ्लैट में गयी तो जो मैंने देखा उसके बाद तो मेरा दिमाग ही खराब हो गया। मेरी माँ पूरी तरह से नंगी थी















