मेरे बहुत सारे दोस्त सब सीमा को पेल चुके है और मैं मेरा तो अक्सर जब मन होता था मैं दीदी को पेल देता था. हिंदी XXX फिर तोहार बुर के भोसड़ा बना दी, और उठा के ले जाई, जब तक मन न उबी तब तक तोरा बंधक बना के चोदते रही.दीदी पूरा खामोश हो गई और उसके मार को सहती रही, फिर राजू दीदी का बाल पकड़ कर पीछे से मारने लगा, वो भी बहुत तेज और पूरा.दीदी= ये भैया बहुत तेज मार रहल बानी थोड़ा आस्ते, दर्द कर रहल बा.राजू= बस रानी शहर की लड़की भी तो जानी की गांव के लड़को में कितना दम बा.करीब 30 मिनट्स कुतिया की तरह पेलने के बाद राजू सीमा के अंडर ही झर गया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.राजू= मत चिल्लाबा, न तो बहुत लोग आ जाई. दीदी बताती थी गुडडू के घर में मुझे नंगी ही रहनी पड़ती है क्यू की उसके अब्बू को मेरा जिस्म देखने के बाद खड़ा होता है, और गुडडू सबके सामने ही मुझे चोदता है, उसकी दीदी, अब्बू, अम्मी और भाई सब दिखता है, कभी कभी तो उसका भाई मिक्की भी पीछे से करने लगता है.मैने दीदी को कहा तुम अब रण्डी हो गई हो, तुम्हे चोदना अच्छा लगता है, लेकिन मुझे गुडडू के अब्बू पसंद नही था.















