और मैंने फिर सावित्री को बोला सावित्री, आपके होठ बहूत ही गुलाबी है.तो वो बोली क्यों दीदी की भी तो गुलाबी है, तो मैंने कहा दीदी का तो रोज चूसता हु, पर ये होठ….. तुम और सावित्री दोनों यही रहो, कल मैं दोपहर तक आ जाउंगी. हिंदी XXX और मैंने इतना सुनते ही उनके ऊपर चढ़ गया और होठ को चूसने लगा. धीरे धीरे वो भी गरम हो गई और फिर वो भी मेरे बाल को पकड़ते हुए मेरे होठ को चूसते हुए वो अपना जीभ मेरे मुह में डालने लगी.और मैंने भी वाइल्ड तरीके से यानी की इमरान हाश्मी के स्टाइल में किश करने लगा. दोस्तों ये बात सुनकर उनके मन में भी शायद कुछ होने लगा, और वो चुप हो गई.मैंने कहा सावित्री. मैंने कहा ठीक है मैडम जैसी आपकी आज्ञा. दोस्तों मैं तो पागल हो गया और मेरे मुह से अनायास ही ओह्ह माय गॉड की आवाज निकला और फिर मैंने बोला क्या माल है यार……….दोस्तों गुलाबी होठ, लंबी गर्दन, निम्बू की तरह छोटी छोटी बूब्स, ऊपर से कत्थई रंग की निप्पल उसपर लगे छोटे से मटर के दाने, सपाट पेट, चूत के पास एक दम साफ़ और गोरी, जंघे गोरी. हम दोनों पेट के बल झुक कर मूवी देखने लगे.उनके टॉप्स के गले के पास से उनकी दोनों बूब्स मुझे दिखई देने लगी और मेरा लंड फिर से खड़ा होने















