चल कुतिया बन जा। अब तेरी गांड मरूँगा” वरुण बोला.मैं तुरंत अपने घुटने मोडकर कुतिया बन गयी। अपना सिर मैंने बेड पर रख दिया और पिछवाडा उपर की ओर उठा दिया।“बहन!! हिंदी XXX हा हा हा… ऊऊऊ… ऊँ.. पहले बता देती। तेरी गुलाबी चुद्दी की ऐसी खातिर अपने लंड से कर देता की तुझे जन्नत के मजे मिल जाते” मेरा सगा भाई वरुण बोला.“तो अभी क्या बिगड़ा है। आज मुझे चोद चोदकर मेरी चूत की खातिर कर दो भाई” मैंने कहा.उसके बाद तो हम दोनों का इश्क शुरू हो गया। भाई मेरे दूध दबाने लगा। दोस्तों, मेरे स्तन बहुत सुंदर थे। बड़े बड़े गोल और बिलकुल मक्कन की टिकिया जैसे नर्म। इतने सुंदर दूध को देखकर तो वरुण बिलकुल पागल हुआ जा रहा था। मेरी अनार जैसी लाल लाल निपल्स के चारो ओर बड़े बड़े काले काले घेरे थे, जो मेरे स्तनों में चार चाँद लगा रहे थे।अगर कोई भी मर्द मुझे इस तरह मेरे नग्न मम्मो को देख लेता तो मुझे बिना चोदे ना जाने देता। मेरी मस्त गदराई और उफनती छातियों को देखकर वरुण बेचैन हो गया और अपने हाथ से कस कसकर दबाने लगे “ओह्ह माँ… ओह्ह माँ… उ उ उ उ उ… अअअअअ आआआआ…” बोलकर मैं सिसक कर बोली पर उस पर कोई असर ना हुआ।वो मजे से मेरे दूध दबा रहा था जैसे कोई मुसम्मी का रस निकालने के















