जब वो जा रही थी तो उसने रेड कलर की जो साड़ी पहन रखी थी उसके नितम्बों को मैं ऊपर नीचे होते हुए देख रहा था. मैं गरिमा पर पूरा झुका हुआ था और उसकी चूत में मेरा पूरा लंड था.मेरा पेट उसके गोल गुदाज चूतड़ से सटा हुआ था. हिंदी XXX क्योंकि उसकी चूत का पानी छुट चूका था इसलिए उसकी चूत बहुत नरम हो गई थी इसलिए मेरे हर झटके और धक्के पर फच…च फच..हह की आवाज आ रही थी.जैसे ही मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ मैंने उससे पूछा “गरिमा मैं झड़ने वाला हूँ बाहर झाडूं या…” मेरे बात पूरी करने से पहले ही वो बोली “प्लीज…. मैं तुम्हे दिखाना चाहती हूँ की मैं कितनी बड़ी चुड़क्कड़ हूँ. उसके चूतड़ से मेरा लंड टच हो रखा था.और इस वक़्त तक किसी रोड की तरह टाइट हो चूका था जिसे गरिमा अच्छी तरह महसूस कर रही थी. वो मेरे करीब आई और बोली विजि चाय पी लीजिये.जब मैंने उससे कहा की मैं सुबह चाय नहीं बल्कि दूध पीता हूँ तो उसने कहा “आज तो मैं बना ले आई हूँ जल्दी ही दूध भी पीला देंगे.” उसके इस डबल मीनिंग बात को मैं समझ गया और उसके हाथ से चाय का कप ले लिया.















