वो हसकर बोले मुस्काकर.साहब मेरा मर्द चुदाई में बड़ा पीछे है। उसे तो बस खम्बे में मजा आता है कमला बोली.देख, आज मैं तेरी गांड को सील तोड़ दूंगा पाण्डेय बोले.उन्होंने ढेर सारा थूक दिया और थोडा कमला भँगन की गांड पर मला, और बाकी अपने लौड़े पर मला और पेल दिया। एक जोर का धक्का दिया और कमला भँगन की गांड फट गयी। वो दर्द से सिसकने चीखने लगी। कमला के चेहरा दर्द से सिकुड़ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.साहब निकाल लो, बड़ा दर्द हो रहा है। कमला बोली.अरे 2 मिनट रुक, तुझसे बड़ा मजा आएगा। गाण्डू पाण्डेय जी बोले.और मजे लेकर कमला भँगन को गांड चोदने लगे अपने जनेऊ को एक किनारे खिसककर। पुरे कॉलेज में पाण्डेय जी के इस ठरकी बुड्ढे वाले रोल को कोई नही जनता था। केवल उनका विश्वासपात्र बाबू ही जानता था। बाहर सब मास्टर अपने 2 कमरों में बच्चों को पढ़ा रहे थे। वहीँ दुसरी ओर प्रिन्सिपल साब कमला भँगन को चुदाई की क्लास दे रहे थे। कोई भी मास्टर इस बात की कल्पना नही कर सकता था की इस समय 10 बजे हमारे कॉलेज में ही चुदाई की गरमा गर्म क्लास चल रही थी। बिचारे सरे मास्टर मोटी 2 किताबों में अपनी आँखे कमजोर कर रहे थे.वहीँ उनके मुखिया आदरणीय प्रिन्सिपल साहेब कमला के मस्त रसीले छातियों















