उसने मेरे से बोला जीजा होली आ जाइये, ये पहली होली जबसे आपका शादी हुआ हैं. मै उनको बारी बारी चूसने लगा और वो अब धीरे -धीरे मजे लेने लगी बोली जीजा आप तो अरुण से अच्छा कर रहे हो बहुत मजा आ रहा अब मेरे बुर में गुदगुदी हो रही हैं.मुझे पता हैं की कब लंड डालना चाहिए मैं उसके टांग के बिच में जाकर उसका पैंटी भी निकाल दिया उसके क्लीन चूत को देखकर मेरे तो होश उड़ गये बिलकुल मुलायम और गुलाबी कलर का अन्दर का छोटा सा छेद दिखाई दे रहा था. हिंदी XXX ये सोचकर दो बार मुठ मारी और सो गया.सुबह अरुण मुझे जगाने आया तो मैंने रात की बात कही तो वो शरमा गया बोला जीजा किसी को मत बताना अभी जब विदेश से आया था तो बहुत मेहनत की तब पटाई हैं. अब मैं कहानी पे आता हूँ ये कहानी इस बार होली की हैं जब मैं अपने ससुराल गया था. मेरा मन तो उसके गाड़ की जुगाड़ में था की अगर रुक जाती तो साली गाड़ भी मिल जाती , लेकिन उसकी मज़बूरी को ध्यान में रखते हुए मैंने उसको एक 2 हजार का नोट दिया और बोला ये मेरा गिफ्ट हैं अगली बार जब यहाँ आऊंगा तब बहुत अच्छा सा गिफ्ट लाऊंगा. मै उनको बारी बारी चूसने लगा और वो अब धीरे -धीरे मजे















