तो मैंने कहा कि कल की मालिश से बहुत आराम मिला है।रिशु: ठीक है। मैं आज भी मालिश कर दूंगा और सारा दर्द ठीक हो जाएगा।मैं: ठीक है भाई।पहले बात हुई और मैंने जानबूझकर आज घुटनों तक लंबी स्कर्ट पहनी और ऊपर टॉप पहना। अंदर मैंने ब्रा और पैंटी नहीं पहनी। फिर वो रात को १०:३० बजे कमरे में आया, तो मैंने दर्द का नाटक किया और उसे मालिश करने के लिए कहा तो वो तुरंत कटोरी में तेल लेकर आया।आज उसने शॉर्ट और ऊपर बनियान पहन रखी थी, उसका लंड आज अलग ही शेप में दिख रहा था, शायद उसने भी आज अंदर अंडरवियर नहीं पहना था। फिर वो मेरे घुटने की मालिश करने लगा और मैं पेट के बाल लेट गई और फिर वो मेरी स्कर्ट को धीरे-धीरे ऊपर कराने लगा और मालिश करने लगा।मैं फिर से उससे तड़पने लगी। अब मेरी मोटी गांड का उभार दिखना शुरू हो गया था। फिर मैंने जब उसकी तरफ देखा तो वो मेरी गांड को लालचि नजरों से देख रहा था। फिर मैंने अपनी आँखें बंद कर ली और हलके-हल्के से कराहने लगी, अब उसकी उंगलियां मेरे कूल्हे की रेखा को छू रही थीं।उसे पता चला था कि मैंने पैंटी नहीं पहनी है। अब फिर मैंने उसे अपनी कमर की मालिश करने को कहा तो उसने मेरा टॉप ऊपर कर दिया, वो भी















